Plastic pollution दुनिया भर में एक विकराल समस्या बन चुकी है। हर साल लाखों टन प्लास्टिक कचरा नदियों, समुद्रों और जमीन को प्रदूषित कर रहा है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इस समस्या का एक अनोखा समाधान ढूंढा है – बैक्टीरिया और enzymes की मदद से प्लास्टिक को खत्म करना! चलिए जानते हैं कि यह तकनीक कैसे काम करती है और क्या हैं इसकी चुनौतियां।
प्लास्टिक के खिलाफ जंग में बैक्टीरिया की भूमिका
दशकों से प्लास्टिक का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है। 2017 की एक स्टडी के मुताबिक, 65 वर्षों में 8.3 बिलियन टन प्लास्टिक बन चुका है, जिसमें से केवल 10% ही recycle हो पाता है। बेंगलुरु की स्ट्रक्चरल बायोलॉजिस्ट Kavyashree Manjunath बताती हैं, “4.9 बिलियन टन प्लास्टिक पर्यावरण में जहर घोल रहा है। हमें तेजी से समाधान चाहिए।”
Enzymes: प्लास्टिक को चट करने वाला ‘सुपरहीरो’
वैज्ञानिकों ने PET (Polyethylene Terephthalate) प्लास्टिक को तोड़ने वाले enzymes की खोज की है। जापान में मिले Ideonella sakaiensis बैक्टीरिया के दो enzymes, PETase और MHETase, PET को टुकड़ों में बांट देते हैं। Manjunath की स्टार्टअप Apratima Biosolutions ने एक ऐसा enzyme विकसित किया है जो 17 घंटे में 90% PET कचरे को तोड़कर उसे दोबारा इस्तेमाल लायक बनाता है।
क्या बैक्टीरिया हैं बेहतर विकल्प?
कुछ शोधकर्ता सीधे बैक्टीरिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। Breaking Inc. के वैज्ञानिकों ने X-32 नामक बैक्टीरिया खोजा है, जो PET के साथ-साथ पॉलीओलेफिन्स (packaging materials) और नायलॉन जैसे पॉलिमर को भी तोड़ सकता है। हालांकि, अभी इसे प्लास्टिक को पूरी तरह decompose करने में 22 महीने लगते हैं।
Academic Innovations: Spores वाला प्लास्टिक
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर Jon Pokorski ने एक नया तरीका अपनाया है। उनकी टीम ने Bacillus subtilis बैक्टीरिया के heat-resistant spores को प्लास्टिक में मिलाया है। कंपोस्ट में जाने के बाद यह spores सक्रिय होकर प्लास्टिक को 5 महीने में 90% तक खत्म कर देते हैं।
चुनौतियां: Speed, Scale, और Acceptance
- Speed: अधिकांश enzymes और बैक्टीरिया को प्लास्टिक तोड़ने में महीनों लग जाते हैं।
- Scale: बड़े पैमाने पर enzymes का उत्पादन महंगा है।
- स्वीकृति: Pokorski के मुताबिक, “लोग प्लास्टिक में बैक्टीरिया के इस्तेमाल को लेकर सशंकित हैं।”
फ्रांस की कंपनी Carbios ने एक heat-stable enzyme बनाया है जो 10 घंटे में 90% PET कचरा recycle करता है। लेकिन फंडिंग की कमी के कारण उनका प्लांट अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
निष्कर्ष: क्या यह समाधान संभव है?
प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए enzymes और बैक्टीरिया दोनों ही तकनीकें महत्वपूर्ण हैं। North Carolina State University के Nathan Crook कहते हैं, “हमें किसी एक समाधान पर नहीं, बल्कि सभी विकल्पों पर काम करना चाहिए।” साथ ही, सरकारों और NGOs को भी इन innovations को सपोर्ट करना होगा।
आने वाले वर्षों में, यह तकनीकें न सिर्फ प्लास्टिक को खत्म करेंगी, बल्कि एक Circular Economy को भी बढ़ावा देंगी। जहां प्लास्टिक कचरा दोबारा नए उत्पादों में बदल जाएगा।