दुनियाभर में लगातार बढ़ रहे तापमान और जलवायु परिवर्तन ने सभी देशों को चिंता में ला दिया है। इसके चलते विश्व में पैदा हो रही सबसे बड़ी समस्याओं में एक है धरती पर बदस्तूर बढ़ रहा पानी का स्तर। एक ताजा रिसर्च में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इस सदी के खत्म होने तक पृथ्वी पर पानी का स्तर 2 फुट तक बढ़ जाएगा। ये आंकड़ा, आज तक पेश किए गए कई पर्यावरण मॉडल में मौजूद आंकड़े से दोगुना ज्यादा है।

दोगुनी तेजी से डूब रही दुनिया
हाल ही में वैज्ञानिकों ने चिंता जताते हुए कहा है कि धरती पर पानी का स्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है, सालों से जानकारों ने जो अनुमान लगाया था ये उससे दोगुना है। ये जानकारी अमेरिका के शोधकर्ताओं ने कोलोराडो विश्वविद्यालय के साथ मिलकर साझा की है। उन्होंने पिछले 25 सालों के सैटेलाइट से मिले तमाम डेटा का अध्ययन किया। इसके आधार पर उन्होंने कहा कि 1993 से लेकर अब तक समुद्र का पानी एक मिलीमीटर अतिरिक्त बढ़ चुका है। यानि पिछले अनुमानों के हिसाब से अब तक तीन मिलीमीटर समुद्र के पानी में इजाफा होना था, लेकिन ये 4 मिलीमीटर तक पहुंच गया है। इसी के चलते वैज्ञानिकों का कहना है कि इस शताब्दी के खत्म होने तक यानि 2100 तक, समुद्र का पानी 65 सेंटीमीटर बढ़ जाएगा यानी दो फिट बढ़ जाएगा। इससे पहले ये आंकड़ा 30 सेंटीमीटर होने का अनुमान लगाया गया था।
ये है जल स्तर बढ़ने के मुख्य कारण
वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर ऐसे ही जल स्तर में वृद्धि होती रही तो फ्लोरिडा, बांग्लादेश, शंघाई, वॉशिंगटन इन सभी जगहों के कुछ इलाके पूरी तरह पानी में डूब जाएंगे। इस रिसर्च से जुड़े एक वैज्ञानिक डॉक्टर ग्रे ने कहा कि ये नतीजे मौजूदा समय में हो रहे जलवायु परिवर्तन को देखते हुए काफी खतरनाक हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्रीन हाउस गैसों के कारण बढ़ रहे तापमान से समुद्र का पानी दो तरह से बढ़ता है। एक कि पानी गर्म होने का कारण ज्यादा फैलता है जिसे 'थर्मल एक्सपेंशन' कहते हैं। इस प्रक्रिया के कारण 25 सालों में 50 प्रतिशत पानी बढ़ा है। वहीं दूसरा है, अर्कटिक और अंटार्कटिक में लगातार पिघल रही बर्फ।