आगामी अप्रैल माह से यदि आप ताजमहल देखने जाएंगे तो आपको तीन घंटे के भीतर ही पूरा परिसर देखकर बाहर आना होगा। साथ ही इसके पर्यटक टिकट में भी मामूली बढ़ोतरी होने जा रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने मंगलवार को कहा कि टिकट में बढ़ोतरी के पीछे सरकार का मकसद पैसा कमाना नहीं बल्कि निर्मित भवनों की सुरक्षा और बेहतर जन प्रबंधन सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि सरकार का मकसद ताजमहल देखने के लिए देश-विदेश से आनेवाले लाखों पर्यटकों की संख्या पर कोई पाबंदी लगाना नहीं है। सरकार कुछ ऐसे कदम उठाने जा रही है, जिससे यह विश्व प्रसिद्ध स्मारक आने वाली कई सदियों तक भारत का गौरव बना रहे। उन्होंने बताया कि सरकार यह कदम ‘नीरी’ की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर उठाने जा रही है ताकि पर्यावरण एवं अन्य दृष्टियों से ताजमहल को सुरक्षित रखा जा सके।

शर्मा ने कहा कि टिकट पर बार कोड होगा जिससे यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि पर्यटक तीन घंटे से अधिक ताजमहल परिसर में नहीं रह पाएं। उन्होंने कहा कि अभी देखने में आया है कि कुछ लोग टिकट खरीदते हैं और आठ-आठ घंटे तक इस परिसर में रुक जाते हैं।

शर्मा ने स्पष्ट किया कि 15 साल की आयु तक के बच्चों और विद्यार्थियों के लिए ताजमहल में प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी संभवत: एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ताजमहल में पर्यटकों के प्रवेश से निर्धारित समय से आधे घंटे पहले टिकट खिड़कियां खुलेंगी और बंद होने के निर्धारित समय से आधे घंटे पहले बंद हो जाएंगी। शर्मा ने कहा कि कि ताज कारिडोर क्षेत्र तथा ताजमहल एवं आगरा किले के बीच हरियाली को विकसित किया जाएगा।

लपकों पर कड़ा रुख
संस्कृति मंत्री शर्मा ने  कहा कि सरकार ने ‘लपका संस्कृति के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने का निर्णय किया है ताकि पर्यटकों विशेषकर महिला पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्यटन मंत्रालय, आगरा विकास प्राधिकरण और स्थानीय पुलिस मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘लपका संस्कृति’ से देश के सभी पर्यटन स्थलों को मुक्त करने के दिशा में सरकार काफी गंभीर है।
- 30 से 40 हजार पर्यटक आते हैं आम दिनों में ताजमहल देखने - 1,00,000 तक संख्या पहुंच जाती है अवकाश एवं विशेष अवसरों पर  - 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये किया जाएगा प्रवेश के लिए टिकट का मूल्य - 50 रुपये के टिकट में मुख्य मकबरों का प्रवेश शामिल नहीं होगा - 200 रुपये का विशेष टिकट मुख्य मकबरों में प्रवेश के लिए शुरू किया जाएगा - ऊंचे मूल्य वाले टिकट की भी व्यवस्था, ऐसे पर्यटकों को विशेष सुविधा दी जाएगी - महताब बाग से रात्रि दर्शन के भी प्रबंध किए जा रहे हैं।